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आपदा प्रबंधन

शीर्षक दस्तावेज़ विवरण
हीट वेव एक्शन प्लान बिलासपुर 2025 हीट वेव एक्शन प्लान बिलासपुर 2025
राज्य स्तरीय समिति एवं जिला स्तरीय समिति डीडीएमए समिति
संसाधन इन्वेंटरी संसाधन सूची
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र डी०इ०ओ०सी० दस्तावेज़ (PDF 774KB)
जिला हैज़र्ड प्रोफाइल जिला हैज़र्ड प्रोफाइल दस्तावेज़ (PDF 2272KB)
डीडीएमए का संस्थागत ढांचा और संरचना डीडीएमए के संस्थागत ढांचे और संरचना पर दस्तावेज (PDF 273 KB)
प्रशिक्षित कर्मियों की सूची प्रशिक्षित कर्मियों की इन्वेंटरी (PDF 922KB)
लाइन विभाग के नोडल अधिकारी और संचार योजना की सूची नोडल अधिकारी दस्तावेज (PDF 360KB)
मानक ऑपरेशन प्रक्रियाएं एसओपी दस्तावेज़ (PDF 211 KB)
डीडीएमपी बिलासपुर 2014 डीडीएमपी 2014 दस्तावेज़ (PDF 6.89 MB)
डीडीएमपी बिलासपुर 2016-17 डीडीएमपी 2016-17 दस्तावेज़ (PDF 3.03 MB)
जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (आईआरएस) जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (आईआरएस)
वायु निकासी के लिए दिशानिर्देश वायु निकासी के लिए दिशानिर्देश 
डीडीएमपी बिलासपुर 2021-22
 डीडीएमपी 2021-22 दस्तावेज़ (PDF 3.03 MB)
हिमाचल प्रदेश में सुरक्षित निर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देना हिमाचल प्रदेश में सुरक्षित निर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देना

आपदा जागरूकता ई-सामग्री

यह ऐप उपयोगकर्ता को मौसम का पूर्वानुमान, आपदा की चेतावनी और संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी अन्य ज़रूरी जानकारी समय पर पाने में मदद करता है। उपयोगकर्ता जियो-टैग की गई तस्वीरें और स्थान की जानकारी अपलोड करके आपदा की बड़ी घटनाओं की रिपोर्ट भी कर सकते हैं। इस ऐप से इकट्ठा की गई जानकारी HPSDMA को खतरे के हिसाब से ‘ब्लैक स्पॉट’ की पहचान करने, बार-बार आपदा वाली जगहों का विश्लेषण करने, अर्ली वार्निंग सिस्टम (समय से पहले चेतावनी देने वाले सिस्टम) की कवरेज का आकलन करने और आपदा-संभावित इलाकों में अतिरिक्त मॉनिटरिंग और चेतावनी उपकरण लगाने की योजना बनाने में मदद करेगी। इससे सबूतों पर आधारित आपदा न्यूनीकरण योजना बनाने में मदद मिलेगी और लोगों की जान-माल की सुरक्षा में योगदान मिलेगा। आपदा प्रबंधन के लिए ‘आपदा रक्षक मोबाइल ऐप’ के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

  • घटना की तुरंत रिपोर्टिंग: नागरिकों और सरकारी अधिकारियों को आपदा की घटनाओं की तुरंत रिपोर्ट करने की सुविधा देता है, जिससे समय पर कार्रवाई सुनिश्चित होती है।
  • जियो-टैग रिपोर्टिंग: तस्वीरों और वीडियो के साथ सही जगह की जानकारी लेता है, जिससे तेज़ी से आकलन और पुष्टि हो पाती है।
  • बेहतर तालमेल: एक कॉमन डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए DDMA, DEOC, SEOC और संबंधित विभागों के बीच तालमेल को मज़बूत करता है। सामुदायिक भागीदारी: ‘सिटिज़न लॉगिन’ के ज़रिए नागरिकों, स्वयंसेवको, NGO और अन्य संबंधित लोगों को आपदा की रिपोर्टिंग और तैयारी में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए सशक्त बनाता है।
  • तेज़ कार्रवाई और बेहतर तालमेल: आपदा के समय बेहतर कार्रवाई के लिए DDMA, DEOC, SEOC और संबंधित विभागों के साथ फील्ड की जानकारी समय पर साझा करने में मदद करता है।
  • जान-माल की सुरक्षा: समय पर रिपोर्टिंग और जानकारी फैलाने से तुरंत कार्रवाई में मदद मिलती है, जिससे जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।
  • आपदा-रोधी हिमाचल प्रदेश बनाने में मदद: सही जानकारी के आधार पर फैसले लेने, संसाधनों की योजना बनाने और लंबे समय में आपदा के जोखिम को कम करने के लिए पूरे राज्य का एक व्यापक आपदा डेटाबेस बनाता है।

मोबाइल ऐप/वेब पोर्टल: https://hpsdma.hp.gov.in/AppLogin.aspx