एन.आई.सी. की सेवाएं

 

एन.आई.सी. जिला केन्द्र बिलासपुर के मुख्य प्रोजेक्ट और क्रियाकलाप

 

सारथी 4.0

यह एक वैब आधारित आवेदन प्रणाली है जोकि कम्प्यूटरीकृत प्रशिक्षु लाइसैंस, स्थायी ड्राईविंग लाईसैंस और कंडक्टर लाईसैंस आर०एल० ए०, आर०टी०ओ०कार्यालय से जारी करती है। यह साफ्टवेयर सभी चार  आर०एल०ए० कार्यालयों – बिलासपुर, घुमारवीं, श्री नयना देवी जी और झण्डूता और आर०टी०ओ० कार्यालय बिलासपुर में लागू किया गया है।

वाहन 4.0

यह एक वैब आधरित व्यापक प्रणाली है जोकि वाहन पंजीकरण प्रमाण, फिटनेस प्रमाण और परमिट/आज्ञा/अनुमति अदि जिले के आर०एल०ए०/ आर०टी०ओ० कार्यालय से जारी करता है। यह साफ्टवेयर सभी चार  आर०एल०ए० कार्यालयों – बिलासपुर, घुमारवीं, श्री नयना देवी जी और झण्डूता और आर०टी०ओ० कार्यालय बिलासपुर में लागू किया गया है।

राजस्व विभाग कम्प्यूटरीकरण

राजस्व विभाग का कम्प्यूटरीकरण के संबंध में पूर्ण ध्यान केन्द्रित है, न केवल एन०आई०सी० से ही परन्तु राज्य सरकार से भी है उसे पूरा सहयोग मिल रहा है। हिमरिस -भूमि पंजीकरण सॉफ्टवेयर इस विभाग के लिए कार्यान्वित होने वाली प्रमुख परियोजना हैं। हिमभूमि – जोकि तहसील और उपतहसील स्तर पर कम्प्यूटर केन्द्रों के संचालन के ऊपर ध्यान केन्द्रित करता है। अपने ताजा आंकड़ों और सभी गांवों के भूमि रिकॉर्ड के साथ यह कम्प्यूटर पर अपलब्ध् कराया गया है और जैसे ही कोई भूमि सम्बन्धी लेन-देन होता है हिमभूमि सॉफ्टवेयर से उसे कंप्यूटर पर तुरन्त अपडेट किया जाता है । यह आम आदमी को रिकॉर्ड की प्रति तुरन्त लेने में सक्ष्म बनाता है। बिलासपुर सदर, जिला बिलासपुर की पहली तहसील है जिसे की 13 मार्च, 2005 को ऑनलाइन किया गया। वर्तमान में चार तहसीलें- बिलासपुर सदर, घुमारवीं, श्री नयना देवी जी, झण्डूता और तीन उपतहसीलें – भराड़ी, नम्होल और कलोल पूर्णतः कम्प्यूटरीकृत हैं जहां तक राजस्व विभाग के कम्प्यूटरीकृत का सम्बन्ध है।

लोकप्रमाण पत्रा

यह एक वैब आधरित प्रणाली है जोकि 14 प्रकार के प्रमाण पत्र जारी करती है, ये है-कृषि प्रमाण, पिछड़ा क्षेत्र प्रमाण, बोनाफाइड प्रमाण पत्र, चरित प्रमाण पत्र, डोगरा वर्ग प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता सेनानी, आय प्रमाण, कानूनी वारिस प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण, साम्प्रदायिक प्रमाण पत्र, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण, पासपोर्ट सत्यापान प्रमाण, ग्रामीण क्षेत्र प्रमाण और अनुसूचित/जनजाति प्रमाण पत्र।

ए.एल.आई.एस. – शस्त्र लाइसेंस जारी करने की  एक प्रणाली

यह एक वैब आधरित शस्त्र   लाइसेंस जारी करने की एक प्रणाली है। यह नकदी संग्रह से शुरू होते हैं तथा इसमें आवेदक के पूर्ण प्रतिष्टी तथा उसके ऑनलाइन फोटोग्राफ और हस्ताक्षर लेना और अन्त में उसे शस्त्रा लाईसेंस मुद्रित रूप में प्रदान करती है। यह सेवा अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट बिलासपुर एवं एस०डी०एम० कार्यालय घुमारवीं में शस्त्र लाइसेंस जारी एवं नवीनीकरण करने के लिए लागू की गई है।

नेशनल डेटाबेस ऑफ़ आर्म्स लाइसेंस

यह एक वैब आधरित प्रणाली है जोकि राष्ट्रीय स्तर पर शस्त्र लाइसेंस आंकड़े एकत्रित करती है। इस सेवा में प्रत्येक लाइसेंस के लिए अद्वितीय पहचान नम्बर दिया जाता है।

मानव संपदा

मानव संपदा एक वैब आधारित प्रणाली है जोकि कर्मचारियों के लिए उनकी सेवा पुस्तक ब्यौरा जिसमें की उनके  व्यक्तिगत व्यवसायिक पारिवारिक शैक्षणिक प्रशिक्षण सम्बन्धी, छुट्टियों से सम्बन्ध्ति, कर्ज सबन्धित ए०सी०आर० और सेवा इतिहास इत्यादि, सुविधजनक एवं प्रभावी तरीके से उपलब्ध होता है। ये कर्मचारियों के लिए अत्याधिक लाभदायक है क्योंकि वे राज्य के सुदूर कोने से भी देख सकते हैं।

स्कीम एम.आई.एस.

स्कीम एम०आई०एस० योजना एक वैब आधारित प्रणाली है जिसे जिला योजना कार्यालय उपयोग में लाता है। इस साफ्टवेयर में प्रस्ताव स्तर से लेकर योजना बनाने तथा उसके बाद निगरानी करने तक की सूचना इकट्ठी करने का प्रावधन है। इस साफ्टवेयर ने जिला प्रशासन को निर्णय लेने और कार्य प्रगति की निगरानी करने में मदद की है।

कल्याण विभाग कम्प्यूटरीकरण

ई-कल्याण

विभिन्न प्रकार के पेंशनरों जैसे, विधवा पेंशन योजना, बुढ़ापा पेंशन, विकलांग एवं कुष्ठ रोगियों को पेंशन वितरण करने का कार्य कल्याण विभाग का मुख्य कार्य है। इसके लिए ई-कल्याण साफ्टवेयर लागू किया गया है। यह प्रणाली पेंशनर सम्बन्धी विस्तृत जानकारी, खाते, मनी आर्डर पूर्व मुद्रित मनी आर्डर एवं अन्य रिपोर्ट के रख रखाव में मदद करती है।

ई-पहचान

यह एक ऑनलाइन सेवा है जोकि विभाग को मदद करती है। विकलांग व्यक्तियों को प्रमाण पत्र प्राप्त करने में ताकि वे सरकार द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले लाभ एवं रियायतों का फायदा उठा सके।

एगमार्कनेट

एगमार्कनेट एक केन्द्रीय योजना है- कृषि उत्पाद, थोक बाजार, राज्य कृषि, विपणन बोर्ड/ निदेशालय और डी०एम० आई० क्षेत्रीय  कार्यालय, जोकि कृषि उत्पाद मूल्य/आगमन सूचना और प्रसार का कार्य करता है। एगमार्कनेट एक वैब आधारित प्रणाली है और यह जिला बिलासपुर में लागू है। यह योजना आम लोगों, विक्रेताओं, किसानों को लाभान्वित कर रही है। वे अग्रिम रूप से ही वस्तुओं के विभिन्न मण्डियों में प्रचलित दामों के बारे में पता कर सकते हैं।

ई-समाधन

एक वैब आधारित प्रणाली है जोकि ऑनलाइन शिकायत निगरानी एवं निपटान को मुख्यमंत्री कार्यालय से जिला/उपखण्ड एवं तहसील स्तर पर समय निरधारित एवं पारदर्शी तरीके से जन शिकायतों का तुरन्त निवारण करती है। यह पोर्टल एस० एम० एस०, गेटवे  सेवा से जुड़ा है जिसके द्वारा कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत के बारे में मोबाइल फोन पर तुरन्त जानकारी ले सकता है।

ई-रोजगार

यह एक वैब आधारित प्रणाली है जिसे सभी रोजगार कार्यालयों में बेरोजगारों के कम्प्यूटरीकृत पंजीकरण प्रक्रिया के लिए लागू किया गया है। इसमें नए पंजीकरण, पंजीकरण का नवीनीकरण, पंजीकरण को अपडेट करना तथा विभिन्न रिक्त पदों के बारे में जानकारी देना इसकी मुख्य विशेषताएं हैं।

जिला सुगम केन्द्र

यह डी०सी० कार्यालय बिलासपुर में सितम्बर, 2013 से लागू है। सुगम केन्द्र में छः काऊंटर हैं जोकि नागरिकों को सेवा प्रदान करते हैं तथा मार्गदर्शन के लिए एक स्वागतकर्ता काऊंटर भी है। सुगम केन्द्र बिलासपुर नीचे दी गई सभी सेवाओं केा एक स्थान पर प्रदान करता है :-

  • ड्राइविंग लाईसेंस जारी करना एवं नवीनीकरण।
  • वाहन पंजीकरण, रोड़ टैक्स इक्ट्ठा करना, वैधता आदि कार्य।
  • शस्त्रा लाईसेंस जारी करना एवं उसका नवीनीकरण।
  • नकल जमाबन्दी जारी करना।
  • आधार कार्ड से सम्बन्ध्ति सेवाएं।

जिला वैबसाइट

आधिकारिक वैबसाइट http:/hpbilaspur.nic.in यह एक सी० एम० एस० आधारित वैबसाइट है जिसकारखरखाव एन०आई०सी० जिला केन्द्र एवं जिला प्रशासन करता है। यह वैबसाइट इतिहास एक नजर में तथ्य पर्यटन, मानचित्र, प्रशासन, जिला में आई०टी० नागरिक सेवाएं, शहीदों और बहादुरी पुरस्कार विजेताओं, फोटो गैलरी इत्यादि की सम्पूर्ण जानकारी जोकि जिला बिलासपुर से सम्बन्ध्ति है, को प्रदान करता है। यह वैबसाइट नागरिकों के लिए सूचना का मुख्य स्त्रोत है। इसमें जानकारी जिला प्रशासन द्वारा दी जाती है।

चुनाव के लिए जिला सूचना प्रणाली (डाइस)

इस साफ्टवेयर का उपयोग विधनसभा चुनावों के दौरान कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के लिए किया जाता है। यह एक विस्तृत साफ्टवेयर है जिसका उपयोग तीन स्तर पर पोलिंग कर्मचारियों की रेडीमाइज़ेशन, पोलिंग डयुटी के लिए दलों की गणना एवं मतगणना में लोकसभा तथा विधनसभा चुनावों में किया जाता है।

इ.आर.एम.एस.

इसमें पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थाानीय निकायों के अन्तिम मतदाता सूचियां भारतीय निर्वाचन आयोग के आंकड़ों की जांच पड़ताल के बाद जिलों को जाती हैं!

आई.वी.एफ.आर.टी.

ई-गर्वनेंस योजना के अन्तर्गत भारतीय गृहमंत्रालय का यह एक मिशन आधारित प्रयोजना है। यह परियोजना एस०पी० कार्यालय में लागू की गई है, जिसका निर्माण विदेशी पंजीकरण कार्यालय के रूप में जिला में किया गया है। उपयोगकर्ता विभाग के अधिकारियों को आई० वी० एफ० आर० टी प्रयोजना के अन्तर्गत वैब आधरित सेवा के लिए प्रशिक्षित किया गया है। एस०पी० कार्यालय होटल व्यवसायियों को ऑनलाइन मंजरी पर तथा होटल व्यवसायी अपने आपको http://indianfrro.giv.in/frro पर पंजीकृत कर सकते हैं। शैक्षणिक संस्थान, विदेशी मूल के छात्रों को http://indianfrro.giv.in/fsis पर पंजीकृत कर सकती है।

ई-कोर्टस

न्यायिक व्यवस्था कि गुणवत्ता को बढ़ाने एवं सभी के लिए न्याय आसान एवं पहुंच में, कम कीमत पर और पारदर्शी बनाने के लिए, ई-कोर्टस, एन०ई०जी०पी० एम०एम०पी० कार्यक्रम अदालतों का कम्प्यूटरीकरण करने के लिए जिला एवं ताल्लुका अदालतों में शुरू किया गया । इसके अतिरिक्त केस इनफार्मेशन सिस्टम को भी अदालतों में जिला स्तर पर लागू किया गया है जिससे कि कोर्ट कर्मचारियों को ऑनलाइन केस भरने, पंजीकरण करने दैनिक कार्यवाहियों, संख्यिकी रिपोर्ट निकलने, निर्णय सृजन तथा जांच पड़ताल इत्यादि मैं यह सॉफ्टवेयर बहुत सहायक है ।

वीडियो कानफ्रेंसिंग

प्रशासन की प्रभावशीलता एवं जबावदेही में सुधार लाने के लिए एन०आइ०सी० ने डी०सी० कार्यालय में वीडियो कानफ्रेंसिंग की सुविध प्रदान की है। इस प्रणाली में मल्टी प्वाइन्ट सम्मेलन सुविधा है, जिसमें बहुत सारी साइट्स से एक समय में लगातार उपस्थिति प्रणाली से जुड़ा जा सकता है जबकि अन्य अतिरिक्त साईट केवल प्राप्तकर्ता माध्यम में ही जुडी रहती हैं| जिला प्रशासन इन सेवाओं का उपयोग केन्द्र और राज्यों की परियोजनाओं और समीक्षा बैठकों के लिए करता है। वीडियो कानफ्रेंसिंग सुविधा के उपयोगकर्ताओं मैं अन्य दूसरे विभागों समेत जिला एवं सत्र न्यायालय बिलासपुर तथा मुख्य सूचना आयुक्त नई दिल्ली भी शामिल है ।

एन.आई.सी. निकनेट सपोर्ट

एन०ई०सी०जिला केन्द्र जिला के सभी उपयोगकर्ता विभागों को निकनेट से जोड़ता है, जिसमें डी०सी० कार्यालय, एस० डी० एम० कार्यालय, योजना कार्यालय, जिला न्यायालय बिलासपुर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिलासपुर आते हैं ।